जगदलपुर। चीन में मौत का दूसरा नाम बन चुके 'कोरोना वायरस' की दहशत छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में भी देखने को मिल रही है। यहां कोरोना वायरस को लेकर खौफ का आलम ऐसा है कि लोग अब चिकन खाने से भी परहेज कर रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि उक्त महिलाएं पहले भी देह व्यापार के मामले में गिरफ्तार की जा चुकी है।
आपको बता दें कि आरोपियों ने महिला डॉक्टर के साथ एनएच 44 पर शम्शाबाद और शादनगर के बीच पहले रास्ते की रेकी की और फिर वारदात को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। डॉक्टर के साथ गैंगरेप को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को कंबल में लपेटकर जलाने की कोशिश भी की थी।
रोज 1.5 जीबी डाटा के तहत तीन प्लान पेश किए गए हैं जिनमें 199 रुपये, 399 रुपये, 555 रुपये और 2,199 रुपये के प्लान शामिल हैं। 199 रुपये वाले प्लान की वैधता 28 दिनों की है। इस प्लान में जियो से जियो के नेटवर्क पर कॉलिंग फ्री है, वहीं दूसरे नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए 1,000 मिनट्स मिलेंगे।
बता दें कि नगरीय निकाय चुनाव के लिए 30 नवंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। वहीं नामांकन दाखिले की शुरुआत 30 नवंबर से होगी। 6 दिसंबर को नामांकन पत्र जमा करने की आखिरी तारीख होगी तथा 9 दिसंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
पुलिस के मुताबिक युवती छत्तीसगढ़ी फिल्मों में अभिनेत्री के रूप में काम करती है। युवती के बयान के बाद मामले में आगे जांच की बात पुलिस कह रही है।
बता दें कि सालभर पहले मोवा के आदर्श नगर में सीआरपीएफ जवान पंकज सिंह ने कविता ऊर्फ सीमा वर्मा नाम की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपी हेड कांस्टेबल कविता शर्मा के घर में बतौर किराएदार रहता था।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह: आरोपी जवान पंकज सिंह भी पहले से शादीशुदा था। ऐसे में दोनों के बीच आए दिन विवाद होने लगा था। इसी बीच एक दिन पंकज सिंह ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से रात में चार गोलियां कविता पर दागी थी। तीन गोली कविता को लगी और मौके पर उसकी जान चली गई।
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा। देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे।— Narendra Modi (@narendramodi) November 8, 2019
देश की न्यायपालिका के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए समाज के सभी पक्षों ने, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने, सभी पक्षकारों ने बीते दिनों सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए जो प्रयास किए, वे स्वागत योग्य हैं। कोर्ट के निर्णय के बाद भी हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है।— Narendra Modi (@narendramodi) November 8, 2019
बता दें कि छत्तीसगढ़ के प्रभावित क्षेत्र में फिलहाल केंद्रीय सुरक्षा बलों की 45 बटालियन तैनात हैं। अगले महीने इनकी संख्या बढ़कर 47 हो जाएगी। इसके अलावा दर्जनभर से ज्यादा सीएएफ की बटालियन भी तैनात है।
सरकार की तरफ से कहा गया है कि अगर कोई भी कारोबारी स्टीकर वाले फल बेचेगा, बांटेगा या स्टॉक करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ जुर्माने या जेल दोनों तरह की कार्रवाई हो सकती है।
बताया जाता है कि फलों के ऊपर लगे स्टीकर में कैमिकल होता है और इसकी वजह से फल दूषित हो जाता है। स्टीकर के गोंद में खतरनाक कैमिकल होते है, जो मानव के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।
कमर में लगी थी गोली इस बीच रविवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि एक महिला नक्सली सूड़ियाल के अस्पताल में अपना इलाज करा रही है। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़ी गई महिला नक्सली के मुठभेड़ के दौरान कमर में गोली लगी थी।
बता दें कि ग्राम सलोनी निवासी आरक्षक बसंत नेताम की 1992 में पुलिस में भर्ती के बाद पहली पोस्टिंग दंतेवाड़ा में हुई। 13 साल पहले वे गोलापल्ली थाना में पदस्थ थे। गश्त के दौरान पुलिस पार्टी के इंचार्ज एपीसी रामगोपाल के साथ थाने लौट रहे थे, तभी तारला मुड़ा-नालापल्ली तिराहे में घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी।
पति को मिले शहीद का दर्जा नक्सली मुठभेड़ में मृत पुलिस आरक्षक बसंत नेताम की पत्नी जानकी नेताम का कहना है कि मेरे पति को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। क्योंकि वर्ष 2006 के नक्सली मुठभेड़ में बहादुरी से लड़ते हुए उनको गोली लगी थी। उसी गोली के कारण किडनी, आंत और शरीर के अन्य अंगों ने काम करना बंद कर दिया। 13 साल तक तकलीफदेह जिंदगी जीने के बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
मामला बढ़ता देख दोनों की तरफ से और लोग भी वहां आ गए जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। मारपीट इस कदर आगे बढ़ गई कि पांच महिलाओं को गंभीर चोटें आ गईं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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