रायपुर। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला इलाके में अडानी गुप के काम पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का फैसला लिया है। बता दें कि इस मसले को लेकर बीते 5 दिनों से हजारों आदिवासी आंदोलनरत हैं और सरकार के इस निर्णय के बाद अब धरना-प्रदर्शन का दौर खत्म होने के आसार हैं।
बैलाडीला संकट पर बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज सीएम भूपेश बघेल से राजधानी रायपुर में मुलाकात की। बैठक में सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को मान लिया और बैलाडीला डिपॉजिट 13 में वनों की कटाई पर तुरंत रोक लगा दी है।
इसके अलावा साल 2014 में माइन्स को लेकर हुई फर्जी ग्राम सभा के आरोपों की जांच कराए जाने का भी निर्णय बैठक में लिया है। सरकार ने विवादित क्षेत्र में संचालित सभी कार्यों पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है। वहीं बैठक में इस बात पर भी निर्णय लिया है कि राज्य सरकार की ओर से इस मामले को लेकर केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर जन भावनाओं की जानकारी दी जाएगी।
इससे पहले बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, पूर्व विधायक देवती कर्मा समेत जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की और उन्हें बैलाडीला संकट को लेकर रिपोर्ट सौंपी।
गौरतलब है कि बीते 7 जून से बैलाडीला डिपॉजिट 13 स्थित पहाड़ को बचाने के लिए आदिवासियों का महाआंदोलन जारी है। धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने जोगी कांग्रेस सुप्रीमो अजीत जोगी समेत कांग्रेस के विधायक-सांसद व अन्य जनप्रतिनिधि भी बैलाडीला पहुंचे थे।
बता दें कि उद्योगपति गौतम अडानी को लौह अयस्क खनन के लिए बैलाडीला की डिपॉजिट नंबर 13 का ठेका सरकार ने दिया है। आदिवासी इसका लंबे अरसे से विरोध कर रहे हैं। आदिवासी इस पहाड़ी नंदराज पर्वत को अपना देवता मानते हैं।



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