पंकज दाऊद @ बीजापुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की मद्देड़ एरिया कमेटी ने कहा है कि 14 अप्रैल को मेले में सुरक्षा के लिए तैनात जवान वेंकट मज्जी पर हमला उनकी पीएलजीए की एक छोटी से टुकड़ी ने किया था। इस मामले में पुलिस अब आसपास के गांव के निर्दोष लोगों पर कहर बरपा रही है, ये सही नहीं है।
मद्देड़ एरिया कमेटी ने सोमवार को गोरला नाले के पास पोस्टर लगाए और पर्चे फेंके। इसमें कहा गया है कि वेंकट पर हमला पीएलजीए की टुकड़ी ने किया था और उनसे एक इंसास, 20 राउण्ड व एक मेगजीन छीन ली।
इस मामले में पुलिस ने सोमनपल्ली गांव से वासम समैया, मेले से वासम अनमैया एवं कोरजेंड से रामा गोटा को पकड़ा और थाने लाकर उनसे मारपीट की गई। इनसे दो दिनों तक पीट पीट कर पूछताछ की गई जबकि हथियार पीएलजीए कार्यकर्ताओं ने छीने हैं।
नक्सलियों ने ये भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने आसपास के गांव के लोगों को जेल भेजने की धमकी भी दी है। उन्होंने फर्जी मुठभेड़ और महिलाओं पर अत्याचार का भी आरोप पुलिस पर लगाया है। नक्सलियों ने कहा है कि रमन सरकार की तरह भूपेश सरकार भी दमनकारी नीति अपना रही है। माड़ इलाके के ताड़वला में भी खेतों के काम में लगे लोगों पर पुलिस ने गोलियां बरसाईं।
आपरेशन का विरोध: माओवादियों की मद्देड़ एरिया कमेटी का आरोप है कि कार्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, राजनाथ सिंह और रमन सिंह काम कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस के आपरेशन का विरोध किया है।



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