नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी आज पहली बार अयोध्या जिले का दौरा करेंगे। पीएम मोदी अयोध्या और अंबेडकरनगर के बीच फैजाबाद के गोसाईंगंज के मया बाजार इलाके में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। लेकिन वह रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन नहीं करेंगे।
रैली में पीएम के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। रैली को लेकर भाजपा ने जहां पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं प्रशासन ने रैली सकुशल संपन्न कराने के लिए अफसरों के साथ ही पुलिस-पीएसी व अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया है।
बता दें कि पीएम मोदी बुधवार को रामपुर माया में रैली करेंगे, जो अयोध्या-अंबेडकरनगर जिले की सीमा पर एक छोटा सा शहर है। यहां से अयोध्या के विवादित ढांचे की दूरी महज 25 किमी है। ऐसे में पीएम मोदी के धार्मिक स्थानों से दूरी का मसला स्थानीय लोगों के लिए हैरानी की वजह बन गया है।
निर्वाणी अखाड़ा और राम जन्मभूमि मुकदमे के प्रमुख वादी धरमदास ने कहा,'हम चाहेंगे कि पीएम मोदी राम मंदिर की आधारशिला रखें। मैं पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कह चुका हूं कि वह मोदी से इसकी गुजारिश करें।' हनुमानगढ़ी के महंत रामदास का कहना है कि मोदी को अयोध्या शहर में जरूर आना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह राममंदिर मुद्दे पर एक भरोसेमंद आश्वासन हो सकता है।'
2014 के बाद दूसरी जनसभा: बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी की अयोध्या में यह दूसरी जनसभा हो रही है। इससे पहले 2014 में बतौर पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने जीआईसी मैदान में जनसभा की थी।पीएम नरेंद्र मोदी के अयोध्या दौरे को लेकर अयोध्या के संतो में ख़ुशी है, लेकिन एक मलाल भी है। संतो का कहना है कि पीएम नरेन्द्र मोदी का अयोध्या में स्वागत है। लेकिन उन्हें रामलला के दर्शन जरूर करने चाहिए।
गौरतलब है कि राहुल गांधी 2017 विधानसभा चुनाव के वक्त और प्रियंका गांधी अप्रैल महीने की शुरुआत में अयोध्या आ चुकी हैं। दोनों हनुमानगढ़ी मंदिर गए थे, लेकिन विवादित स्थल से दूरी बनाकर रखी थी। राहुल और प्रियंका की दलील थी कि चूंकि राममंदिर का मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए वे अस्थायी राममंदिर में नहीं जा रहे हैं। मोदी पिछले 5 वर्षों में हनुमानगढ़ी भी नहीं गए हैं, जिससे पुजारी और स्थानीय लोग हैरान हैं।




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