वाराणसी। लोकसभा चुनाव की सरगर्मी में इस बार 'चौकीदार' और 'चोर' शब्द चारों ओर गूंज रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए 'चौकीदार चोर है' का नारा छेड़ा तो मोदी ने उसे ही राष्ट्र सुरक्षा के लिए अपना हथियार बना लिया। भाजपा के सभी आला नेता 'मैं भी चौकीदार' बन गए।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और राहुल गांधी को कोर्ट से माफी भी मांगनी पड़ी। इन सबके बीच पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गांव ककरहिया में लगा एक पोस्टर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
दरअसल, ग्रामीणों ने गांव में जगह-जगह पोस्टर चस्पा किए हैं, जिसमें 'यह चौकीदारों का गांव है, यहां चोरों का आना वर्जित है' लिखा है। इस गांव में रहने वाले भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि पीएम मोदी ने ककहरिया गांव गोद लिया था। इससे यहां की तस्वीर बदल गई। गांव में काफी विकास कार्य कराए गए।
ग्रामीणों के मुताबिक इससे पहले जो भी सांसद व विधायक जीत कर आता था वह हमारे गांव को विकास को दरकिनार कर देता था, लेकिन मोदी ने गांव का कायाकल्प कर दिया। गांव में बिजली व पानी की व्यवस्था ठीक हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी को चोर कहकर संबोधित करने वालों ने पूरे देश की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। ऐसे लोगों का हमारे गांव में कदम नहीं पड़े इसलिए ऐसे पोस्टर लगाए हैं। गांवों के लोगों द्वारा किए जा रहे इस तरह के विरोध प्रदर्शन को लेकर तरह-तरह की चर्चा भी हो रही है।



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